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Wednesday, April 22, 2020

Sankat Mochan Hanuman Ashtak Lyrics in Hindi, English

Hanuman Ashtak

Hanuman Ashtak in Hindi (click here for English):

चौपाइयों का हिंदी अर्थ अष्टक के नीचे दिया गया है। इस अष्टक के बाद बजरंग बाण का पाठ करना अत्यंत  शुभ होता है। हनुमान अष्टक का पाठ संकट से रक्षा करने के लिए किया जाता है। गोस्वामी तुलसीदास के द्वारा लिखा गया यह अष्टक संकट से रक्षा करता है।  (शत्रु नाश के लिए बजरंग बाण का पाठ अति आवश्यक है. बजरंग बाण पढ़ने के लिए- यहाँ क्लिक करें )

चौपाई-
बाल समय रवि भक्षि लियो तब, तीनहुं लोक भयो अँधियारो ।
ताहि सोत्रास भयो जग को, यह संकट काहू सों जात न टारो ।।
देवन आनि करी विनती, तब छाड़ि दियो रवि कष्ट निवारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो ।।1।।

बालि की त्रासकपीस बसै गिर, जात महाप्रभु पंथ निहारो।
चौंकि महामुनि श्राप दियो तब चाहिए कौन विचार विचारो।।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु सो तुम दास के शोक निवारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो।।2।।

अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो ।
जीवत न बचिहौ हम सोहि, बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो ।।
हेरि थकै तट सिंधु सबै तब, लाये सिया सुधि प्राण उबारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो ।।3।।

रावण त्रास दई सिय को, तब राक्षसि सो कहि शोक निवारो ।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु जाय महा रजनीचर मारो।।
चाहत सीय असोक सों आगिसू, दै प्रभु मुद्रिका सोक निवारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो।।4।।

बाण लग्यो उर लछमन के तब, प्राण तजै सुत रावण मारो ।
लै गृह बैद सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सुबीर उपारो ।।
आनि संजीवन हाथ  दई , तब लछमन के तुम प्राण उबारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो ।।5।।

रावण युद्ध अजान कियो तब नाग की फाँस सबै सिर डारो ।
श्री रघुनाथ समेत सबै दल मोह भयो यह संकट भारो ।।
आनि खगेस तबै हनुमान जू, बंधन काटि सो त्रास निबारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो।।6।।

 बंधु समेत जबै अहिरावन लै रघुनाथ पताल सिधारो ।
देवहिं पूजि भली बिधि सों बलि, देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो।।
जाय सहाय भयो तबहिं, अहिरावन सैन्य समेत संहारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो।।7।।

काज किये बड़ देवन के तुम, बीर महाप्रभु देखि विचारो ।
कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसों नहिं जात है टारो ।।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु जो कछु संकट होय हमारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि संकट मोचन नाम तिहारो।।8।।

दोहा-
लाल देह लाली लसे अरु धरि लाल लंगूर।
बज्र  देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर।।

।पवन सुत हनुमान की जय।

Sankat mochan Ashtak Meanign in Hindi (हिंदी अर्थ)-
1- हे महावीर हनुमान! आपने बाल्य अवस्था में सूर्य का भक्षण कर लिया था, तीनों लोकों में अंधकार फैल जाने पर जब देवताओं ने आकर आपसे प्रार्थना की तब आपने सूर्य को छोड़ दिया और सब को कष्ट से मुक्त किया।
संसार में ऐसा कौन है जो आपका संकटमोचन नाम नहीं जानता?

2- बाली के सताने पर सुग्रीव पहाड़ों में रहता था। जब सुग्रीव ने राम-लक्ष्मण को जाते देखा तो सुग्रीव को भय हुआ। हे हनुमान! तब आप ने ही ब्राह्मण वेश बनाकर प्रभु राम का भेद जान लिया और सुग्रीव का भय दूर किया। संसार में कौन है जो आपका संकटमोचन नाम नहीं जानता।

3- जब सुग्रीव ने अंगद आदि के साथ आपको सीता माता की खोज में भेजा यह कहकर भेजा कि जिसने सीता की खबर लाये बिना वापस यहाँ पग रखा तो उसे मैं जीवित नहीं छोडूंगा और जब सभी वानर खोज में थक कर समुद्र तट पर बैठ गए, तब आप ही सीता की खबर लेकर आये और सबके प्राणों की रक्षा की। संसार में कौन है जो आपके संकट मोचन नाम को नहीं जानता।

4 - जब रावण सीता माता को कष्ट देता था और सीता माता अपने प्राणों का अंत करना चाहती थीं। हे महाप्रभु! तब आपने ही जाकर अशोक वाटिका में राक्षसों का वध किया। आपने सीता माता को श्री राम की अंगूठी देकर उनका दुःख दूर किया। संसार में कौन है जो आपके संकटमोचन नाम को नहीं जानता।

5- जब रावण के पुत्र मेघनाद का बाण लगा, तब आप सुषेण वैद्य को उनके घर समेत उठाकर ले आये। सुषेण के कहने पर आप ही पूरा द्रोण पर्वत ही उठा लाये और संजीवनी बूटी देकर लक्ष्मण के प्राणो की रक्षा की। संसार में कौन है जो आपका संकटमोचन नाम नहीं जानता।

6- जब रावण ने मायावी युद्ध करके सभी को नागपाश में बाँध दिया और श्री राम सहित उनकी सेना भारी संकट में आ गयी।  तब आपने ही पक्षीराज गरुड़ को लाकर नागपाश के बंधन से सभी को मुक्त किया। हे महाकपि! कौन है जो आपके संकट मोचन नाम को नहीं जानता।

7- अहिरावण श्री राम और उनके भाई लक्ष्मण को लेकर पाताल में चल गया और राम-लक्ष्मण की बलि देना वाला था। तब आपने अहिरावण का उसकी सेना समेत वध करके श्री राम की सहायता की। हे प्रभु! संसार में कौन है जो आपका संकट मोचन नाम नहीं जानता।

8- हे हनुमान महाप्रभु! आपने देवों के बड़े-बड़े कार्यों को पूरा किया है।  अब ये भी विचार कीजिये कि मुझ गरीब का ऐसा कौन सा संकट है जिसे आप दूर नहीं कर सकते ? वेग पूर्वक मेरे संकटों को हर लीजिये। संसार में कौन है जो आपका संकट मोचन नाम नहीं जानता?

दोहा- हे लाल देह पर लाल सिन्दूर धारण करने वाले, बड़ी पूँछ धारण किये लंगूर रुपी, बज्र के सामान शरीर वाले और दानवों का नाश करने वाले वानरों के सूर्य तुम्हारी जय हो, जय हो, जय हो।

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Hanuman Ashtakam lyrics in English

Chaupaai-
Bal Samay Ravi Bhaksh liyo tab, teenahu lok bhayo Andhiyaaro.
Taahi So traas bhayo jag ko, yah sankat kaahu saun jaat na taaro.
Devan Aani kari vinati tab, chaadi diyo ravi kasht nivaaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.1

Baali ki traas Kapis basai giri jaat mahaprabhu pantha nihaaro.
Chaunki mahamuni sraap diyo tab chaahiye kaun vichaar vichaaro.
kaidvij roop livaay mahaaprabhu so tum daas ke shok nivaaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.2

Angad ke Sang lain Gaye Siy, Khoj Kapis Yah Bain uchaaro.
jeevat na bachihau ham sohi, Bina Sudhi laay yahan pagu dhaaro.
Heri Thake Tat Sindhu Sabai dal, laay Siya sudhi praan Ubaaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.3

Raavan traas dayi Siy ko, Tab Rakshasi so kahi Shok Nivaaro.
Taahi Samay hanuman mahaprabhu, Jaay maharajnichar Maaro.
Chaahat Seey Ashok Saun Aagi saun, Dai prabhu mudrika sok Nivaaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.4

Baan Lagyo Ur lakshman ko tab Praan taje sut raavan maaro.
le grah Vidya Sushen samet tabai giri drona Subeer Upaaro.
Aani Sanjivan Haath dayi tab lakshman ke tum praan ubaaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.5

Raavan yuddh Ajaan kiyo tab Naag ki phaans sabai sir daaro.
Shri raghunaath samet sabai Dal Moh bhayo yah sankat bhaaro.
Aani khages Tabai Hanuman ju Bandhan Kaati so traas nibaaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.6

Bandhu samet Jabai Ahiraavan lai Raghunath Pataal sidhaaro.
devahin pooji bhali bidhi son bali deu sabai mili mantra bichaaro.
Jaay Sahaay bhayo tabahin Ahiraavan Sainya Samet Sanhaaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.7

Kaaj kiye Bad Devan ke tum, Beer Mahaprabhu dekhi bichaaro.
Kaun so Sankat Mor Garib ko, Jo Tumson Nahi Jaat Hai taaro.
Begi Haro Hanuman Mahaprabhu Jo kachu Sankat Hoy Hamaro.
Ko nahin Jaanat hai Jag mein kapi, Sankat mochan Naam Tihaaro.8

Doha-
Laal Deh Laali Lasai, Aru Dhari Laal Langur.
Bajra deh Daanav Dalan, Jay Jay Jay Kapi Soor.

PAVAN SUT HANUMAN KI JAY

Tags: bal samay ravi bhaksh liyo lyrics, hanuman ashtak lyrics,

Friday, April 17, 2020

Bajrang Baan Lyrics in Hindi, Hanuman Baan


बजरंग बाण का अर्थ चौपाइयों के नीचे दिया गया है, साथ ही अंग्रेजी में लिरिक्स भी दी गयी है, गोस्वामी तुलसीदास के द्वारा रचित यह स्तुति हनुमान जी को समर्पित है. मंगलवार और शनिवार को इस बजरंग बाण का पाठ करने पर यह बड़ा ही उत्तम फल देता है. बजरंग बाण का पाठ करने से पहले हनुमान अष्टक का पाठ करना शुभ माना जाता है.

Hindi Lyrics- (click here for English)
दोहा ()-
निश्चय प्रेम प्रतीति ते, विनय करे सनमान।
तेहि के कारज सकल शुभ, सिद्ध करै हनुमान।।

चौपाई-
जय हनुमंत संत हितकारी, सुनि लीजै प्रभु विनय हमारी।
जन के काज विलम्ब न कीजै, आतु दौर महासुख दीजै।।

जैसे कूदि सिन्धु के पारा, सुरसा बदन पैठि बिस्तारा।
आगे जाय लंकिनी रोका, मारेहु लात गयी सुर लोका।।

जाय विभीषन को सुख दीन्हा, सीता निरखि परम पद लीन्हा।
बाग़ उजारि सिन्धु मंह बोरा, अति आतुर जम कातर तोरा।।

अक्षय कुमार मारि संहारा, लूम लपेटि लंक को जारा।
लाह सामान लंक जरी गयी, जय-जय धुनि सुर पुर मंह भई।।

अब बिलम्ब केहि कारज स्वामी, कृपा करहु उर अंतरयामी।
जय जय लखन प्राण के दाता, आतुर भयं दुःख करहु निपाता।।

जय हनुमान जयति बलसागर, सुर समूह सैम रत भटनागर।
ॐ हनु हनु हनु हनुमंत हठीले, बैरिहिं मारू बज्र की कीलें।।

ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रीं हनुमंत कपीसा, ॐ हुं हुं हुं हनु अरि उर सीसा ।
जय अंजनीकुमार बलवंता, संकर सुवन वीर हनुमंता ।।

बदन कराल काल कुल घालक, राम सहाय सदा प्रतिपालक ।
भूत प्रेत पिशाच निशाचर अग्नि बेताल काल मारी मर।।

इन्हें मारू तोही सपथ राम की, राखु नाथ मरजाद नाम की ।
सत्य होऊ हरि सपथ पाई कै, राम दूत धरु मारू धाई कै।।

जय जय जय हनुमंत अगाधा, दुःख पावत जन केहि अपराधा।
पूजा जप ताप नेम अचारा, नहीं जानत कछु दास तुम्हारा।।

बन उपबन मग गिरिगृह माहीं, तुम्हरे बल हम डरपत नाहीं ।
जनकसुता हरिदास कहावों, ताकि सपथ बिलम्ब न लावों ।।

जय जय जय धुनि होत अकासा, सुमिरत होय दुसह दुःख नासा ।
चरण पकरि कर जोरि मनावों, यहि अवसर अब केहि गोहरावों ।।

उठु उठु चलु तोही राम दुहाई, पायं परों करि जोरि मनाई ।
ॐ चं चं चं चं चपल चलंता, ॐ हनु हनु हनु हनु हनुमंता ।।

ॐ हं हं हाँक डेत कपि चंचल, ॐ सं सं सहमि पराने खल-दल।
अपने जन को तुरत उबारो, सुमिरत होय आनंद हमारौ ।।

यह बजरंग बाण जेहि मारै, ताहि कहौ फिरि कवन उबारै।
पाठ करै बजरंग बाण की, हनुमत रक्षा करै प्राण की ।।

यह बजरंग बाण जो जापै, तासौं भूत प्रेत सब कापैं ।
धूप देय जो जपै हमेसा, ताके तन नहीं रहै कलेसा ।।

दोहा-
उर प्रतीति दृढ़ सरन ह्वै, पाठ करै धरि ध्यान ।
बाधा सब हर करै, सब काम सफल हनुमान ।।

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Bajrang Baan Lyrics in English-

Doha-
Nischay Prem Pratiti te, Vinay Kare Sanamaan
Tehi ke kaaraj sakal shubh, siddh kare hanuman

Chaupai-
Jaya Hanumant sant hitkari, Suni Leejai Prabhu Vinay Hamari.
Jan ke Kaaj Vilamb Na Keejai, Aatur daur Mahasukh deejai.

Jaise Kood sindhu ke para, Sursa Badan Paithi Bistara.
Aage Jaay Lankini Roka, Maarehu Laat Gayi Sur loka.

Jaay Vibhishan ko sukh deenha, Sita Nirakhi Param Pad Leenha
Baag Ujaari Sindhu me Boraa, Ati Aatur Jam Kaatar tora.

Akshay Kumar Maari Sanhara, Loom lapeti Lank ko jaara.
Laah Samaan lank jari Gayi, Jay Jay dhuni sur pur manh bhayi.

Ab Vilamb kehi kaaraj swami, kripa karahu ur Antaryaami.
Jay Jay lakhan praan ke daata, Aatur hoye dukh karahu Nipaataa.

Jai Hanuman Jayati Bal Sagar, Sur Samuh sam rat bhatnaagar.
Om hanu hanu hanu hanumant hateele, Bairahin Maaru bajr ki kilen.

Om hrim hrim hrim hanumant kapisa, om hum hum hum hanu ari ur sisa.
Jay Anjani kumar Balvanta, shankar suvan veer hanumanta.

Badan karaal kaal kul ghaalak, raam sahay sada prati paalak.
Bhoot pret pishaach nishaachar, Agni betaal kaal maarimar.

Inhe maaru tohi sapath raam ki, raakhu nath marjaad naam ki.
Satya hohu hari sapath paai kai, raam doot dharu maaru dhaai kai.

jay Jay Jay Hanumant agaadha, dukh paavat jan kehi apradha.
pooja jap tap nem achaaraa, nahin jaanat kachu daas tumhara.

Van upvan mag girigrah maahin, tum bal hum darpat naahin.
Janak suta hari daas kahavaun, taaki sapath vilamb naa laavaun.

Jay jay jay dhuni hot akasaa, sumirat hoy dusah dukh naasaa.
charan pakari kar jori manavaun, yahi avsar ab kehi gohraavaun.

uth uth chalu tohi raam duhaai, paay paraun kar jori manaai.
Om cham cham cham cham chapal chalanta, om hanu hanu hanu hanu hanumanta.

Om ham ham haank det kapi chanchal, om sam sam sahami paraane khal dal.
apne jan ko turat ubaaro, sumirat hoy anand hamaro.

Yah bajrang baan jehi maare, taahi kahau phiri kavan ubaarai.
Paath karai bajrang baan ki, hanumat raksha karai praan ki.

Yah Bajrang baan jo jaapai, taasaun bhoot pret Sab kaapai.
Dhoop dey jo Japai Hamesaa, Taake tan Nahin Rahai Kalesa.

Doha- Ur Pratiti dridha saran hvai, paath karai dhari dhyaan.
Baadhaa sab har karai, sab kaam safal hanumaan.

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Thursday, March 22, 2018

Shree Bala Ji Ki Aarti

jay hanumat veera
Balaji mehandipur

Shree Hanuman Bala Ji Ki Aarti-

जय हनुमत वीरा स्वामी जय हनुमत वीरा
संकट मोचन स्वामी, तुम हो रनधीरा
पवन पुत्र अंजनी सूत महिमा अति भारी
दुखः दारिद्रय मिटाओ, संकट क्षय हारी 
बाल समय मे तुमने, रवि को भक्ष लियो 
देवन स्तुति कीन्ही, तुरत ही छोड़ दियो 
कपि सुग्रीव राम संग, मैत्री करवाई 
अभिमानी बलि मिटायो , कीर्ति रही छायी 
जारी लंक दिय सुध ले आये वानर हर्षयो 
कारज कठिन सुधरे, रघुबर मन भये 
शक्ति लगी लक्छमण को, भारी सोच भयो 
लाय संजीवन बूटी, दुख्न सब दूर कियो 
रामहि ले अहिरावण, जब पाताल गयो 
ताहि मारी प्रभु लाये, जय जयकार भयो 
राजत मेहंदीपुर मे, दर्शन सुखहारी 
मंगल और सनिशचर, मेला है जारी 
श्री बालाजी की आरती, जो कई नर गावे 
  कहत इंद्र हर्षित मन, वंचित फल पावे

Shree Bala Ji Ki Aarti-

Om Jai Hanumat Veera Swami Jai Hanuat Veera,
Sankat Mochan Swami Tum ho Randhira.
Pawan-Putra Anjani-Sut, mahimaati bhari,
Dukh Daridra mitao, Sankat chah hari.
Bal samay mein tumne Ravi ko bhaksh liyo,
Devan stuti kinhi, tab hi chod diyo.
Kapi Sugriv Ram sang maitri karvai,
abhimaani bali madiyo, kirti rahi chayi,
Jari lank ko le Siye ki sudhi Vanar harshaye,
Karaj kathin sudhare Raghuveer maan bhaye.
Shakti lagi Lakshman ke bhari soch bhayo,
Lay Sanjivan booti dukh sab door kiyo.
ramhi le ahirawan, jab paatal gayo
Tahi mari prabhu laye jai jaikar bhayo.
Ghate memdhipur mein shobhit darshan ati bihari, 
Mangal aur Shanischar mela hai jari.
Shree Balaji ki aarti jo koi nar gave,
Kahat Indra harshit maan vanchhit phal pave.

Tuesday, March 20, 2018

Hanuman Ji Ki Aarti

arti ki jai hanuman lala ki
hanuman ji

Hanuman Ji Ki Aarti-

आरती कीजे हनुमान लला की |

दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
जाके बल से गिरवर काँपे |
रोग दोष जाके निकट ना झाँके ॥

अंजनी पुत्र महा बलदाई | संतन के प्रभु सदा सहाई ॥

दे वीरा रघुनाथ पठाये | लंका जाये सिया सुधी लाये ॥

लंका सी कोट संमदर सी खाई । जात पवनसुत बार न लाई ॥
लंका जारि असुर संहारे | सियाराम जी के काज सँवारे ॥ लक्ष्मण मुर्छित पड़े संकारे | आनि संजिवन प्राण उबारे ॥ पैठि पताल तोरि जम कारे| अहिरावन की भुजा उखारे ॥ बायें भुजा असुर दल मारे | दाहीने भुजा संत जन तारे ॥
सुर नर मुनि सब आरती उतारे | जै जै जै हनुमान उचारे ॥

कंचन थाल कपूर लौ छाई | आरती करत अंजना माई ॥
जो हनुमान जी की आरती गावे |
बसहिं बैकुंठ परम पद पावे ॥

आरति कीजै हनुमान लला की |
दुष्ट
-दोहा- लाल देह लाली लसे अरुधारी लाल लंगूर। ब्रज देह दानव दलन जय जय जय कपि सूर ||

Tuesday, October 24, 2017

Hanuman Chalisa lyrics in Hindi

hanuman chalisa image

Hanuman Chalisa Lyrics in Hindi-

दोहा
श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुर सुधारि,
बराणु रघुवर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि।

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार,
बल बुधि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार।।

चौपाई
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर,
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥१॥

राम दूत अतुलित बल धामा,
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥२॥

महाबीर बिक्रम बजरंगी,
कुमति निवार सुमति के संगी॥३॥

कंचन बरन बिराज सुबेसा,
कानन कुंडल कुँचित केसा॥४॥

हाथ बज्र अरु ध्वजा बिराजे,
काँधे मूँज जनेऊ साजे॥५॥

शंकर सुवन केसरी नंदन,
तेज प्रताप महा जगवंदन॥६॥

विद्यावान गुनी अति चातुर,
राम काज करिबे को आतुर॥७॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया,
राम लखन सीता मनबसिया॥८॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा,
विकट रूप धरि लंक जरावा॥९॥

भीम रूप धरि असुर सँहारे,
रामचंद्र के काज सवाँरे॥१०॥

लाय सजीवन लखन जियाए,
श्री रघुबीर हरषि उर लाए॥११॥

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई,
तुम मम प्रिय भरत-हि सम भाई॥१२॥

सहस बदन तुम्हरो जस गावै,
अस कहि श्रीपति कंठ लगावै॥१३॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा,
नारद सारद सहित अहीसा॥१४॥

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते,
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥१५॥

तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा,
राम मिलाय राज पद दीन्हा॥१६॥

तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना,
लंकेश्वर भये सब जग जाना॥१७॥

जुग सहस्त्र जोजन पर भानू,
लिल्यो ताहि मधुर फ़ल जानू॥१८॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही,
जलधि लाँघि गए अचरज नाही॥१९॥

दुर्गम काज जगत के जेते,
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥२०॥

राम दुआरे तुम रखवारे,
होत ना आज्ञा बिनु पैसारे॥२१॥

सब सुख लहैं तुम्हारी सरना,
तुम रक्षक काहु को डरना॥२२॥

आपन तेज सम्हारो आपै,
तीनों लोक हाँक तै कापै॥२३॥

भूत पिशाच निकट नहि आवै,
महावीर जब नाम सुनावै॥२४॥

नासै रोग हरे सब पीरा,
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥२५॥

संकट तै हनुमान छुडावै,
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै॥२६॥

सब पर राम तपस्वी राजा,
तिनके काज सकल तुम साजा॥२७॥

और मनोरथ जो कोई लावै,
सोई अमित जीवन फल पावै॥२८॥

चारों जुग परताप तुम्हारा,
है परसिद्ध जगत उजियारा॥२९॥

साधु संत के तुम रखवारे,
असुर निकंदन राम दुलारे॥३०॥

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता,
अस बर दीन जानकी माता॥३१॥

राम रसायन तुम्हरे पासा,
सदा रहो रघुपति के दासा॥३२॥

तुम्हरे भजन राम को पावै,
जनम जनम के दुख बिसरावै॥३३॥

अंतकाल रघुवरपुर जाई,
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥३४॥

और देवता चित्त ना धरई,
हनुमत सेई सर्व सुख करई॥३५॥

संकट कटै मिटै सब पीरा,
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥३६॥

जै जै जै हनुमान गुसाईँ,
कृपा करहु गुरु देव की नाई॥३७॥

जो सत बार पाठ कर कोई,
छूटहि बंदि महा सुख होई॥३८॥

जो यह पढ़े हनुमान चालीसा,
होय सिद्ध साखी गौरीसा॥३९॥

तुलसीदास सदा हरि चेरा,
कीजै नाथ हृदय मह डेरा॥४०॥

दोहा
पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

Hanuman Chalisa lyrics in English -

 DOHA-